IoT ( Internet of Things ) क्या है?  और  2021 में IoT का भविष्य क्या है?

0
70
IOT-kya-hai-in-hindi
Image Source Google | Image By newgenapps
85 / 100

IoT “इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स” क्या है?

कंप्यूटर और इंटरनेट के साथ कई तरह की चीजें जुड़ी हुई होती हैं, जिनका हम इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन उनके बारे में हमे पता नहीं होता है. (IOT kya hai in hindi) टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई तरह की चीजों का निर्माण आए दिन हो रहा है, जिससे की नई तरह की तकनीक बाजार में आ रही हैं और इन्हीं तकनीकों में से एक तकनीक ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ है|

IoT का Full Form है Internet of Things । ये एक ऐसा concept है जो ये बताता है की कैसा होगा अगर दुनिया की सारी चीज़ें (physical objects) जिसे की दैनिक इस्तमाल में लाया जाता है अगर internet से connect हो जाएँ तो क्या होगा।

इस Internet of Things में connected devices एक  दूसरे को identify कर सकते हैं  जो की internet के साथ connected हों । Internet of Things (IoT) एक ऐसा concept है जहाँ चीज़ें एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकें या फिर दूसरे उपकरणों के साथ बात कर सकें. इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए कई प्रकार के प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को एक साथ जोड़ा जा सकता है|

इंटरनेट ऑफ थिंग्स नेटवर्किंग के विकास की बड़ी सफलता है। इस example से  इस तकनीक को और आसानी से समझ सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति अपने घर पहुंचने से पहले चाहता है कि उसके कमरे का एसी (AC) ऑन हो जाए और घर पहुंचते ही उसे अपना कमरा एकदम ठंड़ा मिले तो इंटरनेट ऑफ थिग्स के जरिए ऐसा किया जा सकता है|

वहीं अगर घर से निकलते हुए आप का एसी ऑन रह जाता है तो IoT की मदद से आप उस बंद भी कर सकते हैं| IoT  उपकरणों और रोजमर्रा की वस्तुओं में इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार है।

 

IoT  term किसने introduce किया ?

सन 1999 में एक scientist जिनका नाम था Kevin Ashton उन्होंने सबसे पहले इस concept का नाम ‘Internet of Things’ रखा था. तब वो P&G कार्यरत थे।

 

IoT का आम जीवन में उपयोग

जिस तकनीक का उपयोग इंसानी जीवन की बेहतरी के लिए हो सकता है वही तकनीक कामयाब समझी जाती है. इसलिए इंटरनेट ऑफ थिंग्स को भी इस परिक्षा से गुजरना बाकी है परिक्षा चल रही है. जिसके तहत फिलहाल IoT तकनीक का उपयोग घरों से लेकर फैक्ट्रीयों, technical कंपनियों, एंजेसियों, सरकारें आदि जगहों पर खूब किया जाने लगा है. IoT का उपयोग उपयोग निम्न कार्यक्षेत्रों में किया जा रहा है.

Manufacturing

Transportation

Automotive

Agriculture

Medical and Healthcare

Consumer Applications

Manufacturing – IoT  का उपयोग तथा मशीन टू मशीन कम्युनेक्शन का उपयोग प्रोडक्ट डिमांड, फीचर्स, ऊर्जा प्रबंध, प्लांट सुरक्षा, कर्मचारियों की हेल्थ, निर्माण कार्य आदि कार्यों के लिए किया जा रहा है.

 

Automative – गूगल की ड्राईवर लेस कार अपने गंतव्य पर सुरक्षित पहुँच सकती है वो भी सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए. इस क्षेत्र में कई कंपनिया निवेश कर रही है और स्मार्ट व्हिकल बनाने की तरफ ध्यान दे रही है।  Public transport व्यवस्था में यह तकनीक बहुत मददगार हो सकती है साथ ही वाहन निर्माताओं के लिए भी प्राप्त डेटा प्रोडक्ट सुधार में अहम भूमिका निभाएगा.

Transport – IoT द्वारा एक शहर का परिवहन सिस्टन स्वचालित किया जा सकता है. टैफिक लाईट, स्पीड, जेबरा क्रॉसिंग पर स्पीड, वाहनों की ट्रैकिंग आदि संभव है.

 

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम

स्मार्ट पार्किंग

इलेक्ट्रॉनिक टॉल कंटॉल सिस्टम

व्हिकल कंट्रॉल

IOT-kya-hai-in-hindi
Image Source Google | Image by fed4sae.eu

Agriculture – कृषि क्षेत्र में बहुत प्रकार का डेटा इकट्ठा किया जा सकता है. मसलन, तापमान, बरसात, हवा की गति, मिट्टी की गुणवत्ता, किटनाशकों का प्रभाव आदि. इस डेटा का विश्लेष्ण करके फार्मिंग की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है और भावि निर्णय लेकर नुकसान से बचा जा सकता है।

 

Medical and health care – IoT द्वारा स्मार्ट ऑपरेशन थिएटर, स्मार्ट बैड (जो मरीज के उठने तथा दबाव आदि की जानकारी इकट्ठा करते है), स्मार्ट जांच उपकरण जो स्वयं जांच करके उपयुक्त निर्देश भी देने में सक्षम होते है. विकसित किए जा रहे है और पूरे मेडिकल क्षेत्र को डिजिटाईज्ड हेल्थकेयर सिस्टम में बदला जा रहा है । स्मार्ट विएरेबल हेल्थ डिवाईस आपके कदमों की गिनती कर सकते है, धड़कन का पता लगा सकते है, ब्लड प्रेससर जांच सकते है और इन सभी आंकडों के आधार पर डेली हेल्थ रिपोर्ट बनाकर आपको सौपं सकते है.

 

Consumer applications – इस क्षेत्र में उन स्मार्ट वस्तुओं का निर्माण शामिल है जिनक उपयोग हम रोज करते है. इस तकनीक को Internet of Wearable Things (IoWT) नाम दिया गया है. जिसका उपयोग स्मार्ट होम बनाने के लिए हो रहा है.

स्मार्ट घर इंटरनेट ऑफ थिंग्स का ही एक हिस्सा हैं और आप लोगों ने स्मार्ट घरों के बारे में जरूर सुना होगा. दरअसल स्मार्ट घर उन घरों को कहा जाता है जहां पर घर के सारे उपकरण इंटरनेट के साथ जुड़े होते हैं. ये उपकरण सेंसर की मदद से ही घर की हीटिंग, एसी, घर के दरवाजों को कंट्रोल करते हैं. मान लीजिए की अगर आप घर पर नहीं हैं और आप घर का कोई दरवाजा खुला छोड़कर चले गए हैं. अगर उस दरवाजे पर सेंसर लगा होगा तो वो अपने आप ही कुछ समय बाद बंद हो जाएगा. इतना ही नहीं आपको इस चीज की जानकारी आपके फोन के जरिए मिल जाएगी.

 

कौन कौन से devices IoT का हिस्सा बन सकते हैं ? (IOT kya hai in hindi) में जानिये 

कोई भी device, अगर उसमें on और off की switch हो तब chances हैं की वो IoT का हिस्सा बन सकते हैं. Connected devices के ज्यादातर IP address होते हैं ।

ऐसे चीज़ें जिन्हें आप internet के साथ connect कर सकते हैं :

 

Connected Wearables – Smartwatches, Smart glasses, fitness bands etc.

Connected Homes – इसमें ऐसे उपकरण शामिल है जिन्हें की हम घर पर इस्तमाल करते हैं.

Connected Cars – vehicles जो की internet के साथ connect हो सकें.

Connected Cities – smart meters जो की आसानी से ये analyse कर सकते हैं water, gas, electricity के usage को।

IoT devices and products

बाजार में कई जानी-मानी कंपनियों द्वारा कई तरह के इंटरनेंट ऑफ थिंग्स के उपकरण बनाए और बेचे जा रहे हैं. अमेजन इको, फिटबिट , एप्पल स्मार्ट घंड़ी और इत्यादि उपकरण इनकी श्रेणी के अंदर आते हैं. ऊपर बताए गए उपकरण अलग-अलग तरह के कार्य करते हैं|

जैसे की अमेजन इको के जरिए आप गाने बजा सकते हैं, मौसम की जानकारी पता कर सकते हैं या फिर टैक्सी बुक कर सकते हैं| वहीं फिटबिट वन के जरिए आपको पता चल सकता है कि आप कितना चले हैं. आपने कितनी कैलोरीज खर्च की हैं|

इतना ही नहीं आपने कितने देर की नींद ली है. इसके अलावा ये डिवाइस इंटरनेट के जरिए आपकी सेहत का समय-समय पर डाटा बनाता रहता है और आपको आपके द्वारा की गई तरक्की के बारे में बताता रहता है.

 

IoT के  Opportunities और Benefits क्या हैं ?

IoT हमें ऐसे opportunity प्रदान करता है जिससे हम ज्यादा efficiently हमारे काम कर सकें जिससे की हमारे समय की बचत हो, और उसके साथ पैसों की भी. वहीँ हमारा काम भी आसानी से हो जाये.

 

IoT हमें हमारे daily issues के solutions देता है– जैसे की एक busy area में अपने car के लिए parking space खोजना, अपने home entertainment system को link करना और fridge के webcam से ये check करना की हमें और दूध चाहिए या नहीं।

Industrial benefits of IoT (IOT kya hai in hindi)

  1. Unprecedented Connectivity का होना : IoT के data और insights के मदद से Industries को ये मालूम पड़ता है की उनके consumers को किस प्रकार की devices चाहिए और किस प्रकार की service जिससे वो और भी बेहतर innovative new products प्रदान कर सकें, इसके साथ वो अपने competitors के तुलना में ज्यादा अच्छे services प्रदान कर सकेंगे.

 

  1. Increased Efficiency: जैसे की हम जानते ही हैं की IoT networks बहुत ही smart और intelligent होते हैं जो की real-time data arm employees को प्रदान करते हैं जिसमें ऐसे information भी होते हैं जिससे की day-to-day efficiency और productivity को optimize किया जा सके.

 

  1. Cost Savings: IoT devices बहुत ही accurate data प्रदान करते हैं और Organization को automated workflows भी प्रदान करते हैं जिससे वो उनके operating costs और errors को minimize कर सकें.

 

  1. Time Savings: Smart devices के connect हो जाने से वो अलग अलग organizations को System और processes को enhance करने में मदद करते हैं जिनसे उनकी बहुत समय की बचत होती है.

 

Advantages of IoT

इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए हर काम को आसानी से किया जा सकता है. वहीं इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए लोगों के रहने का स्तर भी आने वाले समय में बढ़ जाएगा. इस तकनीक की मदद से आप एक साथ कई कार्यों को आसानी से कर सकते हैं. इसके अलावा अगर आप अपने दफ्तर या घर से दूर हैं, तो आप स्मार्ट उपकरणों की मदद से वहां की जानकारी आसानी से ले सकते हैं.

 

Disadvantages of IoT

इंटरनेट ऑफ थिंग्स से जुड़ा जो सबसे बड़ा नुकसान है, वो सुरक्षा को लेकर है. आज के दौर में इंटरनेट की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठते हैं. ऐसे में हर चीज को इंटरनेट से जोड़ने के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा. वहीं आने वाले समय में ये तकनीक लोगों की नौकरियों पर भी खतरा बन सकती है.

 

कौनकौन सी कंपनियां बनाती हैं ये IoT ( smart ) उपकरण

IBM , Intel , Microsoft , Google , Apple , Samsung

 

किस तरह कार्य करता है IoT ?

एक पूर्ण आईओटी सिस्टम चार अलग-अलग phase में कार्य करता है. ये phase  sensor या उपकरण, कनेक्टिविटी, डेटा प्रोसेसिंग और यूजर इंटरफेस हैं. सबसे पहले, सेंसर या डिवाइस अपने वातावरण से डेटा  collect करता हैं|

जिसके बाद उस डेटा को क्लाउड (इंटरनेट-आधारित प्रक्रिया) पर भेजा जाता है. वहीं सेंसर सेलुलर, सैटेलाइट, वाईफाई, ब्लूटूथ, जैसी चीजों के जरिए अपना डेटा क्लाउड को भेजता है. एक बार जब डेटा क्लाउड पर जाता है, तो सॉफ्टवेयर उस पर कुछ प्रकार की प्रोसेसिंग करता है. जिसके बाद आपको जानकारी भेजी जाती है.

आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस क्या जानिये | भविष्य में क्या बदलाव आने वाले है (AI) से

Conclusion ( निष्कर्ष )

(IOT kya hai in hindi) IoT एक बहुत ही बड़ा network है connected “things” (जिसमें की people भी शामिल हैं) का. यहाँ relationship हो सकती है people-people, people-things, और things-things के बीच क्योंकि सभी एक दुसरे के साथ एक ही network में connected हैं|

ऐसे बहुत सारे Companies जो की बहुत ज्यादा IoT, AI और machine learning का इस्तमाल कर रहे हैं| ऐसा समय न आये की हमें पूरी तरह से IoT के ऊपर भी depend करना पड़े| दुनिया में कई तरह के उपकरण बनाए जा रहे हैं, जो कि हम लोगों के लिए काफी फायदेमंद भी साबित हो रहे हैं. इन उपकरणों से हम लोग आसानी से अपने कार्यों को कर पा रहे हैं. लेकिन साथ ही हम लोग धीरे-धीरे तकनीक पर काफी निर्भर होते जा रहे हैं. |

Article Written By :- Sonam Maheshwari

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here