डेटा साइंस क्या है ? 2021 में जॉब्स ही जॉब्स (Data Science) में

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data science kya hai in hindi
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डेटा साइंस क्या है ? What is data science?

 जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इसमें  डेटा के आंकलन(assessment), गणना (calculation)और प्रभावों का विश्लेषण(analysis) किया जाता है। इसके लिए स्किल्ड प्रफेशनल्स की जरुरत होती है। इसके लिए प्रोग्रामिंग, स्टेटिक्स, डेटा विजुलाइजेशन,  मशीन लर्निंग, लिनियर अलजेबरा और calculus, सॉफ्टवेयर इंजिनियरिंग  आदि  स्किल्स का होना जरूरी है।(data science kya hai in hindi) डेटा साइन्स जिनको आता है उनकी आज के जमाने में काफी value है क्योंकि डेटा साइन्स पर काफी companies निर्भर हैं। ज्यादा मात्रा में डेटा की छान बिन करने से हमे काफी काम की चीज़ें मिल जाती हैं और फिर उसमे से हम काम के डेटा को इकट्ठा करके अपने काम के लिए रख लेते हैं।

डेटा साइंस की आवश्यकता ? Why do we need data science?

जैसे-जैसे दुनिया बड़े डेटा के युग में प्रवेश कर रही है, इसकी storage capacity की आवश्यकता भी बढ़ी है।जब Hadoop और अन्य फ्रेमवर्क ने स्‍टोरेज की समस्या को सफलतापूर्वक हल कर लिया है, तो फोकस इस डेटा के प्रोसेसिंग पर आ गया है। पहले जो  हमारे पास डेटा था, वह अधिकतर structured था, जिसे सरल BI टूल का use करके analysis  किया जा सकता था। आज ज्यादातर डेटा  unstructured या semi – structured है।

डेटा साइंस का उपयोग कैसे किया जा सकता है। अब एक उदाहरण के रूप में मौसम पूर्वानुमान (weather forecast) लेते हैं। जहाजों, एयरक्राफ्ट, रडार, उपग्रहों से डेटा एकत्रित किया जा सकता है और मॉडल बनाने के लिए analysis किया जा सकता है। ये मॉडल न केवल मौसम का पूर्वानुमान करेंगे बल्कि किसी भी  natural calamity की घटना की भविष्यवाणी करने में भी मदद करेंगे।

डेटा  साइंटिस्ट Data Scientist

जब किसी कंपनी के बिज़नेस में डेटा बढ़ता है वैसे data scientist  की companies में जरूरत पड़ने लगती है और उन्हे डेटा को सही से रखने और उसकी सही से रिपोर्ट बनाने के लिए रखा जाता है। जिससे की कंपनी इस डेटा को बेच सके और कुछ लाभ कमा सके और company ki progress हो पाए।डेटा साइंटिस्ट का प्रमुख काम रॉ डेटा ( raw data) को व्यवस्थित करना होता है। सामान्य रूप से डेटा को अव्यवस्थित डेटा में से निकालना होता है और उसे

व्यवस्थित करना होता है जिससे की वह डेटा आगे इस्तेमाल हो सके।प्रभावी होने के लिए डेटा साइंटिस्ट के अंदर शिक्षा के साथ साथ भावुक बुद्धि और डेटा एनालिटिक्स का ज्ञान भी भरपूर होना चाहिए। डेटा साइंटिस्ट को मशीन लर्निंग, डेटा माइनिंग, ऐनालिटिकस आदि का ज्ञान भरपूर होता है और कोडिंग और एल्गॉरिथ्म लिखना भी बखूबी आता है।डेटा साइंटिस्ट डिजिटल जानकारी को चैनल और स्त्रोतों से बनाते हैं जैसे की स्मार्ट फोन इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) डिवाइस, सोशल मीडिया, सर्वे, इंटरनेट सर्च, खरीददारी। डेटा साइंटिस्ट बहुत सारे डेटा सेट्स में से ऐसे पैटर्न को निकालते हैं ।

डेटा साइंटिस्ट का काम डेटा को कैप्चर करना है. जिसके लिए प्रोग्रामिंग स्किल्स और डेटाबेस स्किल्स की जरूरत होती है. डेटा साइंटिस्ट स्टेट और मैथ्स टूल के जरिए डेटा का विश्लेशण करता है. इसको वह पॉवर प्वाइंट , एक्सेल, गूगल विश्वुलाइजेशन के जरिए प्रस्तुत करता है. लेकिन डेटा को वह एक कहानी के जरिए जोड़ते हुए बयां करता है.

डेटा  एनालिसिस Data analysis

वो सभी तरीके जिससे आप डेटा को तोड़ सकते हैं, समय के साथ रुझान का आकलन कर सकते हैं, और एक सेक्टर या माप को दूसरे की तुलना कर सकते हैं, वह data analysis कहलाता हैं।लेकिन, आज इतना डेटा उपलब्ध है कि डेटा एनालिसिस एक चुनौती है। अर्थात्, सभी डेटा को संभालना और पेश करना डेटा एनालिसिस के सबसे चुनौतीपूर्ण पहलुओं में से दो हैं। डेटा विश्लेषण निर्णय को अधिक वैज्ञानिक बनाने और व्यवसाय को प्रभावी संचालन करने में मदद करता है। इसका उपयोग विभिन्न व्यवसाय, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान डोमेन में किया जा रहा है।

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Image Source Google | Image By kpmg/

डेटा साइंस के उपयोग। Uses of data science

डेटा साइंस के फायदे company के goals और resources पर भी depend करता हैं कि company किस तरह का काम करती है और किस तरह से resources को इस्तेमाल करती है। सेल्स और मार्केटिंग डिपार्टमेंट पर भी कंपनी का फायदा निर्भर करता है। Example के तौर पर हम यह देख सकते हैं की कुछ company users  के डेटा को खरीदती हैं और analysis करती  हैं।डेटा को सही तरीके से समझा जाता है और उसके बाद उसकी उचित रिपोर्ट बनायी जाती है और फिर कंपनी में इसका पूरा विचार विमर्श होता है, जिससे की इस डेटा को प्रभावी बनाया जा सके। यह campaign करने में भी काफी उपयोगी होता है।

मशीन लर्निंग की चीज़ें भी डेटा साइन्स में उपयोग होती हैं जैसे की इमेज रेकोगनिशन (image recognition) और स्पीच रेकोगनिशन (speech recognition) ।

 डेटा साइंस के फायदे। (data science kya hai in hindi) Benefits of data science

डेटा साइन्स बिज़नेस के decision लेने में काफी काम आता है। यह डेटा को बड़े ही सही तरीके से use करता है और उसे useful बनाता है जिससे की हम उसे use कर सकें।डेटा से जो हम decision लेते  हैं वह हमे काफी लाभ देता है और काम करने की capability को भी बढ़ा देता है।

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कैसे बने  डेटा  साइंटिस्ट  ? How to become a data scientist?

डेटा साइंटिस्ट का पेशा तेजी से उभरने और बढ़ने वाला क्षेत्र है। आज हर बड़ी कंपनी और सरकारी संगठनों में डेटा साइंटिस्ट की मांग है। आज के हाइटडेक वर्ल्ड में असीमित मात्रा में डेटा मौजूद है जिसे इकट्ठा करना, इसमें से काम का डेटा निकालना और इस डेटा का अपने लिए किस तरह उपयोग किया जाए सबसे बड़ा सवाल है। इन्हीं सवालों के सारे जवाब एक डेटा साइंटिस्ट के पास होते हैं। यह काम थोड़ा पेचीदा माना जाता है लेकिन इसके अनुसार डेटा साइंटिस्ट को भुगतान भी किया जाता है।

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए किसी भी व्यक्ति के पास कंप्यूटर साइंस, मैथ्स, इलैक्ट्रिकल इंजिनियरिंग, आईटी या इससे संबंधित फील्ड में बैचलर की डिग्री होना जरूरी है। इसके बाद आप काम करते हुए मास्टर्स की डिग्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। भारत में कई यूनिवर्सिटी डेटा साइंस में एमटेक करवाती हैं जो डिस्टेंस लर्निंग में भी उपलब्ध है।

अगर आपमें विश्लेषण और कहानी कहने का स्किल है तो आपके लिए डेटा साइंटिस्ट की नौकरी पर्फेक्ट है. जिन कैंडिडेट्स ने मैथ्स, कंप्यूटर साइंस, मेकेनिकल इंजीनियरिंग में एमटेक या एमएस किया है वो डेटा साइंटिस्ट बन सकते हैं. इसके साथ ही कैंडिडेट्स को Python, Java, R, SAS प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की भी नॉलेज होनी चाहिए. अधिकतर कंपनियां कॉम्पिटिशन में आगे बने रहने के लिए डेटा साइंटिस्ट की मदद लेती हैं. ये साइंटिस्ट रिजल्ट्स का बड़ी बारीकी से एनालिसिस करते हैं.।

Article Written By :- Sonam Maheshwari

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