आर्टिफीसियल इंटेलीजेंन्स क्या है? जानिये 2021 में जॉब की सम्भावनाये |

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AI (आर्टिफीसियल इंटेलीजेंन्स) क्या है?

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का मतलब है (AI kya hai in hindi) कि इंसान की सोचने की शक्ति, भावनाएं या कहें कि इंसानी विवेक हम मशीन में डाल दें। आसान शब्दों में कहें तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, वो तकनीक है, जिसके तहत रोबोट्स किसी भी हालात में इंसानों की तरह सोच सकें और उसके मुताबिक निर्णय ले सकें।

गौर करने वाली बात ये है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में अब वैसी मशीनें शामिल नहीं की जाती, जो कैमरे से देखकर सिचुएशन को एनालाइज कर सकें, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में इससे भी एडवांस तकनीक शामिल की जाती है, जो किसी की भाषा को समझ सकें, निर्णय ले सकें, अपने इमोशन शेयर कर पाएं।

कृत्रिम बुद्धि, कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो मशीनों और सॉफ्टवेयर को खुफिया के साथ विकसित करता है। 1955 में जॉन मकार्ति ने इसको कृत्रिम बुद्धि का नाम दिया था । कृत्रिम बुद्धि अनुसंधान के लक्ष्यों में तर्क, ज्ञान की योजना बना, सीखने, धारणा और वस्तुओं में हेरफेर करने की क्षमता, आदि शामिल हैं।

कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस या एआई) मानव और अन्य जन्तुओं द्वारा प्रदर्शित प्राकृतिक बुद्धि के विपरीत मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धि है। कृत्रिम बुद्धि का दावा इतना है कि मानव की बुद्धि का एक केंद्रीय संपत्ति एक मशीन द्वारा अनुकरण कर सकता है।

कृत्रिम बुद्धि (एआई) का दायरा विवादित है: क्यूंकि मशीनें तेजी से सक्षम हो रहे हैं, जिन कार्यों के लिए पहले मन्नते थे की होशियारी चाहिए, अब वह कार्य “कृत्रिम होशियारी” के दायरे में नहीं आते। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीनों में शामिल एक आधुनिक मशीन है |

जो विभिन्न स्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया दे सकती है। एआई को मनुष्यों की प्राकृतिक बुद्धिमत्ता के तुलनीय माना जाता है। एक नया domain अब सामने आया है जिसे लोग Artificial Intelligence के नाम से जानते हैं जो की मूल रूप से Computer Science का ही branch है और जिसका मुख्य काम ये है की ऐसे intelligent machine बनाएं जो की मनुष्य के जैसे ही बुद्धिमान हो और जिसकी अपनी ही decision लेने की क्ष्य्मता हो. इससे ये हमारे काम और भी आसान कर देंगे.

AI का full form है Artificial Intelligence या हिंदी में इसका अर्थ है कृत्रिम होशियारी या कृत्रिम दिमाग. ये एक ऐसा simulation है जिससे की मशीनों को इंसानी intelligence दिया जाता है या यूँ कहे तो उनके दिमाग को इतना उन्नत किया जाता है की वो इंसानों के तरह सोच सके और काम कर सके|

AI kya hai in hindi
Image Source Google | Image By weblineglobal

ये खासकर computer system में ही किया जाता है. इस प्रक्रिया में मुख्यत तीन processes शामिल है और वो हैं पहला learning (जिसमें मशीनों के दिमाग में information डाला जाता है और उन्हें कुछ rules भी सिखाये जाते हैं जिससे की वो उन rules का पालन करके किसी दिए हुए कार्य को पूरा करे), दूसरा है Resoning (इसके अंतर्गत मशीनों को ये instruct किया जाता है की वो उन बनाये गए rules का पालन करके results के तरफ अग्रसर हो जिससे की उन्हें approximate या definite conclusion हासिल हो) और तीसरा है Self-Correction .

AI के लक्ष्य (AI kya hai in hindi)

जैसा कि हम जानते है, कि AI पूरी दुनिया में सबसे शक्तिशाली और तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी है। AI एक प्रकार की कृत्रिम चेतना (Artificial consciousness) है जो मानव के निर्देश देने पर कार्य करती है। भले ही Artificial intelligence मनुष्यो द्वारा विकसित की गई है, लेकिन इसमें कोई संदेह नही की AI मनुष्यों की तुलना में अधिक कुशल, बेहतर और कम खर्च में काम करती है। इसीलिए अब कई बिज़नेस इंडस्ट्री के फील्ड में AI को काम मे लिया जा रहा है

AI के Applications

AI महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विभिन्न उधोगों जैसे मनोरजंन, शिक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्य, परिवहन और उपयोगिताओं में कठिन मुद्दों को हल करने में मदद कर सकता है। AI एप्लीकेशन को पांच श्रेणियों में बांटा जा सकता है।

 

1) ज्ञान – दुनिया के बारे में जानकारी प्रस्तुत करने की क्षमता। जैसे वित्तीय बाजार व्यापार, खरीद भविष्यवाणी, धोखाधड़ी की रोकथाम, दवा निर्माण, चिकित्सा निदान, मीडिया की सिफारिश इत्यादि।

 

2) विचार – तर्क कटौती के माध्यम से समस्याओं का हल करने की क्षमता। जैसे वित्तीय परिसम्पत्ति प्रबन्धन, कानूनी मूल्यांकन, वितीय अनुप्रयोग प्रसंस्करण, स्वायत्त हतियार प्रणाली, खेल इत्यादि।

 

3) संचार – बोले जाने वाली और लिखित भाषा को समझने की क्षमता। जैसे बोले जाने वाली और लिखित भाषाओं का वास्तविक समय अनुवाद, वास्तविक समय प्रतिलेखन, बुद्धिमान सहायक, आवाज नियंत्रण इत्यादि।

 

4) योजना – लक्ष्य निर्धारित करने और प्राप्त करने की क्षमता। जैसे सूची प्रबंधन, भाग पूर्वानुमान, भविष्य कहने वाला रखरखाव, भौतिक और डिजिटल नेटवर्क अनुकूलन, नेविगेशन इत्यादि।

 

5) अनुभूति – ध्वनियों, चित्रो और अन्य संवेदी आदानों के माध्यम से दुनिया के बारे में चीजों का अनुमान लगाने की क्षमता। जैसे चिकित्सा निदान, स्वायत्त वाहन, निगरानी इत्यादि।

 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के बीच अंतर

AI व Human intelligence के बीच डिफरेंस या मतभेद को समझने के लिए पहले हमें जानना होगा कि इंटेलिजेंस क्या है? अगर एक छोटी परिभाषा दे तो हमारी बुद्धि या इंटेलिजेंस में किसी इनफार्मेशन को प्राप्त करने की क्षमता, अनुभवों से सीखने की क्षमता, देखकर समझने और ढंग से विचार करने की क्षमता होती है।

अपने नेचुरल व्यवहार के कारण यह बुद्धि संज्ञानात्मक कार्यो जैसे अनुभूति, मेमोरी, लैंग्वेज और प्लानिंग को एकत्रित करती है।

 

AI से फायदे

AI को भविष्य की तकनीक इसलिए कहा जा रहा है कि इससे दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद की जा रही है। Google ने तो आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित कारें बनाने पर रिसर्च भी शुरु कर दिया है। ऐसी कारों को चलाने के लिए किसी ड्राइवर की जरुरत नहीं होगी।

ये कारें सेंसर की मदद से चलेंगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सकेंगी। हालांकि अभी यह रिसर्च प्रोसेस में है और इसमें कुछ और वक्त लग सकता है। इसके अलावा कम्यूनिकेशन, डिफेंस, हेल्थ आदि इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल से बड़ा बदलाव आ सकता है।

AI गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुँच को बढ़ा सकता है। इसकी मदद से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है एवं शिक्षा तक लोगों की पहुँच को बढ़ाया जा सकता है। इसकी सहायता से प्रशासन में दक्षता को बढ़ाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त व्यापार एवं वाणिज्य में इसका लाभ सिद्ध है।

AI के खतरे

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर कहा जा रहा है कि यह तकनीक भविष्य में इंसानों के लिए मददगार या फिर नुकसानदायक भी हो सकती है। दरअसल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मिल जाने के बाद मशीनें यदि खुद निर्णय ले सकेंगी तो उनकी इंसानों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

ऐसे में वह इंसानों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती हैं ! इसके साथ ही इंसानों और मशीनों में प्रतिस्पर्धा भी हो सकती है। बता दें कि हाल ही में Facebook की टीम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर रिसर्च कर रही थी, इसी दौरान दो मशीनों ने आश्चर्यजनक रुप से आपस में कम्यूनिकेट करना शुरु कर दिया। इस दौरान मशीनों ने कोई खास कोडिंग भाषा डेवलेप कर ली और आपस में बातें करना शुरु कर दिया था।

हाल ही में भारत सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence- AI) मिशन पर नीति आयोग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology- MeitY) के बीच मतभेद को हल करने हेतु एक समिति का गठन किया है।

इस समिति में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, नीति आयोग के सीईओ और MeitY के सचिव शामिल हैं एवं इसकी अध्यक्षता मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन कर रहे हैं। ध्यातव्य है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को डिज़िटल अर्थव्यवस्था बनाने के साथ-साथ सरकारी काम-काज को AI से जोड़ने हेतु प्रतिबद्ध है ।

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निष्कर्ष

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI kya hai in hindi) विगत कई दशकों से चर्चा के केंद्र में रहा एक ज्वलंत विषय है। वैज्ञानिक इसके अच्छे और बुरे परिणामों को लेकर समय-समय पर विचार-विमर्श करते रहते हैं। आज दुनिया तकनीक के माध्यम से तेज़ी से बदल रही है।

विकास को गति देने और लोगों को बेहतर सुख-सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। बढ़ते औद्योगीकरण, शहरीकरण और भूमंडलीकरण ने जहाँ विकास की गति को तेज़ किया है, वहीं इसने कई नई समस्याओं को भी जन्म दिया है, जिनका समाधान करने के लिये नित नए उपाय अपनाए जाते हैं।

जहाँ वैज्ञानिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनेकानेक लाभ गिनाते हैं, वहीं वे यह भी मानते हैं कि इसके आने से सबसे बड़ा नुकसान मनुष्यों को ही होगा, क्योंकि उनका काम मशीनों से लिया जाएगा, जो स्वयं ही निर्णय लेने लगेंगी और यदि उन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो वे मानव सभ्यता के लिये हानिकारक हो सकती हैं।

ऐसे में इनके इस्तेमाल से पहले लाभ और हानि दोनों को संतुलित करने की आवश्यकता होगी।

Article Written By :- Sonam Maheshwari

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